सुशांत सिंह राजपूत - आत्महत्या ? - समझाविश बाबू
दिनांक १४ जून को सुशांत सिंह द्वारा बांद्रा स्थित आवास में आत्महत्या कर लेने की खबर निकलकर सामने आयी। इस खबर से सभी स्तब्ध रह गए क्यूंकि मात्र ३४ साल की उम्र में घरेलु परिस्थिति ठीक-ठाक रहते हुए कैसे आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा ,ये एक अबूझ पहेली तब से आजतक बना हुआ है। लगातार मीडिया ,सोशल मीडिया ,अख़बारों में सुर्ख़ियों में ये खबर रह रही है।
बम्बई पुलिस इसकी जाँच कर रही है ,लगातार ये कहा जा रहा है की जाँच सही दिशा में चल रहा है। लेकिन आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला जारी है ,सबसे बड़ी बात जो उठ रही है वो बॉलीवुड की विश्वसनीयता को लेकर है ,अंडरवर्ल्ड से तथाकथित संबंधों को लेकर है, आकाओं को लेकर है।अगर इतने संदेह उत्पन्न हो रहे हैं और जनता जानना चाहती है की वास्तविकता क्या है ,तो फिर हर संभव वो प्रक्रिया पारदर्शी तरह से अपनाना चाहिए की जनता को ,ख़ासतौर से उनके परिवार को ये लगे की सही दिशा में और शक्ति से जाँच हो रही है। लेकिन विगत कुछ दिनों से जो घटना घट रही है वो असमंजस की न केवल स्थित उत्पन्न कर रही है ,अपितु अकारण संदेह भी उत्पन्न कर रही है। बिहार पुलिस जाँच के लिए जो मुंबई गयी और एस पी को जिस तरह क्वारंटाइन किया गया जैसा की मीडिया में खबर चला ,ये और भी जनता के मन में संदेह पैदा करता है। मेरा तो मानना है की बिहार पुलिस जाँच में गयी थी कोई विदेश की पुलिस तो नहीं आयी थी ,दोनों प्रदेश इसी देश के हैं कहीं दुश्मन देश के तो है नहीं ,तो,यदि दोनों मिलकर जाँच कर लेते तो कौन सा पहाड़ टूट जाता। यह कहना की बम्बई पुलिस सक्षम है जाँच करने में तो उसपर अविस्वाश तो किया नहीं जा रहा है ,यदि ऍफ़ आई आर बिहार में दर्ज हुआ तो यदि दोनों जाँच साथ में करलें या बम्बई पुलिस अपनी जानकारी शेयर करले तो क्या कोई अपराध हो जायेगा।
यहाँ हमें मूल तथ्य समझना होगा ,वो ये है की बॉलीवुड के बारे में जो तरह-तरह की भ्रांतियां फैली या फ़ैल रही हैं ,या ये की बॉलीवुड एक अलग दुनिया है जहाँ कुछ कि मर्जी ज्यादा चलती है ,कुछ आका भी हैं। इन सब चीजों को स्पष्ट करने के लिए और जनता विशेष तौर से सुशांत सिंह के परिवार के विश्वास जगाये रखने के लिए बिहार-बम्बई पुलिस की संयुक्त जाँच या फिर जो भी जाँच संभव हो करना चाहिए। इसका राजनीतिकरण कतई नहीं होना चाहिए। जो चला गया उसके साथ सही न्याय यही होगा की यदि वास्तव में किसी ने उसे आत्महत्या के लिए उकसाया है या परिस्थितियां पैदा किया है तो वो सच्चाई बाहर आना चाहिए ,नहीं भी है तो वो भी जाँच में स्पष्ट हो जायेगा ,इसमे मैं बड़ा या वो बड़ा से क्या मतलब जो सही तथ्य ला सके वही बड़ा।



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जवाब देंहटाएंWE WILL CONTINUE OUR FIGHT.
जवाब देंहटाएंSUSHANT OS WITH US FOREVER
certainly
हटाएंमुझे नहीं लगता कि आपको ऐसे मुद्दों पर कुछ लिखना चाहिए आज इस मुद्दे को राजनीतिक आधार देकर लोगो को भटकाया जा रहा है हमारे देश में लोगों को पहले ही धर्म और राजनीति के आधार पर लडाया जाता रहा है और आज बॉलीवुड की इस घटना को राजनीतिक आधार दिया जा रहा है कृपया ऐसे मुद्दों पर न लिखें ये हमारे युवाओं को उनके उद्देश्य से भटका रहे हैं
जवाब देंहटाएंबिल्कुल सही आपको ऐसे मुद्दों पर लिखना चाहिए जो प्रेरणादायक हो युवाओं को आगे बढने की प्रेरणा दें
हटाएंAaj jo hmare beech nahi hai uske sambandh me hum kuch nahi bol sakte news channels ka to kaam hi hai logo ko bhatkaana par humein jab tak koi jaankari na humein uss mudde ko tb choona bhi nhi chahiye
जवाब देंहटाएंMera kaam aapko salaah dena tha manna na manna aap par nirbhar karta hai
aapki salah jarur manengey
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